उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने महात्मा गांधीजी, श्री लाल बहादुर शास्त्रीजी और थिरू के कामराजजी को श्रद्धांजलि अर्पित की


उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने आज महात्मा गांधीजी, पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्रीजी और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री थिरु के कामराजजी को पुष्पांजलि अर्पित की और श्रद्धांजलि दी।


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उपराष्ट्रपति ने महात्मा गांधीजी को उनकी जयंती के अवसर पर राजघाट जाकर पुष्पांजलि अर्पित की और श्रद्धांजलि दी। श्री सीपी राधाकृष्णन ने महात्मा गांधीजी की चिरस्थाई विरासत को याद करते हुए कहा कि सत्य और अहिंसा में उनकी अटूट निष्ठा, न्याय के प्रति दृढ़ संकल्प और प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा में उनका गहरा विश्वास संपूर्ण मानवता को लगातार प्रेरित करता है।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधीजी का जीवन और संदेश शांति, करुणा, निःस्वार्थ भाव और सेवा का एक अमर प्रकाश स्तंभ बना हुआ है। उन्होंने सभी से महात्मा गांधीजी के मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने और एक न्यायसंगत, समान तथा समावेशी समाज के निर्माण के लिए खुद को समर्पित करने का आह्वान किया।


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उपराष्ट्रपति ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्रीजी की जयंती के अवसर पर विजयघाट जाकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की और श्रद्धांजलि दी।

श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने शास्त्री जी को शांत शक्तिशाली और असाधारण संकल्प वाले नेता के रूप में बताते हुए कहा कि वे विनम्रता, सत्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण की मिसाल थे। उन्होंने याद किया कि भारत की यात्रा के एक अहम मोड़ पर, शास्त्री जी के नेतृत्व ने लोगों में भरोसा और एकता जगाई, जबकि उनके "जय जवान, जय किसान" के नारे ने देश के सैनिकों के बलिदान और किसानों के महत्वपूर्ण योगदान को स्थायी पहचान दी।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि श्री लाल बहादुर शास्त्री जी का जीवन इस बात की एक सशक्त याद दिलाता है कि सच्चा नेतृत्व सादगी, साहस और राष्ट्र सेवा में ही निहित है।


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उपराष्ट्रपति भवन में, उपराष्ट्रपति ने थिरु के. कामराज जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और सार्वजनिक जीवन व राष्ट्र निर्माण में उनके उत्कृष्ट योगदान को याद किया।

श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने कामराज जी को एक महान राजनेता और सच्चा जननेता बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन राष्ट्र की सेवा और आम जनता के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया।

उन्होंने कहा कि कामराज जी ने अपना पूरा जीवन गांधीवादी विचारों से प्रेरित होकर जिया और सड़कों तथा शैक्षणिक संस्थानों का विस्तार करके, मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना की शुरुआत करके और गरीबों के जीवन में नई उम्मीद जगाकर तमिलनाडु के विकास में महत्वपूर्ण  योगदान दिया।

उपराष्ट्रपति ने सिंचाई और औद्योगिक विकास में भी कामराज जी के योगदान को याद किया। उपराष्ट्रपति ने बांधों के निर्माण और औद्योगिक संपदाओं की स्थापना के माध्यम से सिंचाई और औद्योगिक विकास में कामराज जी के योगदान को भी याद किया, जिसने तमिलनाडु में कृषि और औद्योगिक विकास की नींव रखी।