जलाशय भंडारण निगरानी प्रणाली
केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) देश के महत्वपूर्ण जलाशयों की वास्तविक भंडारण क्षमता की निगरानी रखता है और साप्ताहिक आधार पर बुलेटिन के जरिए इसकी जानकारी उपलब्ध कराता है। जलाशय भंडारण निगरानी प्रणाली (आरएसएमएस) स्थापित किये जाने से पहले, संबंधित परियोजना अधिकारियों से फ़ोन कॉल और फ़ैक्स द्वारा आंकड़े एकत्र किए जाते थे। इन आंकड़ों का कागजी विश्लेषण किया जाता था। विश्लेषण और परिणामों के आधार पर, रिपोर्ट तैयार की जाती थी और बुलेटिन जारी किए जाते थे।
डेटा प्रविष्टि और बुलेटिन तैयार करने की प्रक्रिया सुव्यवस्थित करने के लिए वर्ष 2012 में आरएसएमएस आरंभ की गई। इसमें, परियोजना अधिकारियों और सीडब्ल्यूसी के क्षेत्रीय कार्यालयों को उपयोगकर्ता आईडी और पासवर्ड आवंटित किए गए हैं। अब वे सीधे आरएसएमएस में लॉग इन करके अपना डेटा दर्ज कर देते हैं। डेटा विश्लेषण और बुलेटिन तैयार करने का काम आरएसएमएस की सहायता से किया जाता है और बुलेटिन की सॉफ्ट कॉपी सभी संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों, संबंधित राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों को ईमेल द्वारा भेज दी जाती है। यह बुलेटिन आम जनता के देखने/उपयोग के लिए आरएसएमएस पोर्टल पर भी अपलोड किया जाता है। सूचना की यह आम पहुंच सूचित निर्णय लेने में सहायक होती है। यह सिंचाई, पेयजल और बाढ़ नियंत्रण के लिए बेहतर योजना निर्धारण में सक्षम बनाता है, साथ ही यह सूखे की स्थिति की तैयारी में भी सहायक होता है।
आज तक, केंद्रीय जल आयोग द्वारा देश के 161 महत्वपूर्ण जलाशयों की जल संग्रहण स्थिति की निगरानी रखी जा रही है। 161 जलाशयों की संचयी जल संग्रहण क्षमता 182.46 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) है। निगरानी वाले जलाशयों की राज्य और केंद्र शासित प्रदेश-वार संचयी जल संग्रहण क्षमता नीचे दी गई है।
आरएसएमएस पोर्टल को केंद्रीय जल आयोग द्वारा आंतरिक रूप से विकसित किया गया है। स्थापित किये जाने के बाद से इसके विकास और रखरखाव के लिए कोई अलग बजटीय आवंटन नहीं हुआ है।
आरएसएमएस पर देश भर में 161 प्रमुख जलाशयों के भंडारण की निगरानी रखी जा रही है तथा हितधारकों को सूचित करने और जल संसाधन प्रबंधन के लिए साप्ताहिक आधार पर विस्तृत बुलेटिन जारी किए जाते हैं।
निगरानी किए गए जलाशयों की राज्य और केंद्र शासित प्रदेश-वार लाइव संग्रहण क्षमता
|
क्रम संख्या |
राज्य |
जलाशयों की संख्या |
निगरानी किए गए जलाशय की संचयी सक्रिय भंडारण क्षमता (बीसीएम) |
|
1 |
आंध्र प्रदेश |
7 |
17.091 |
|
2 |
असम |
2 |
0.339 |
|
3 |
बिहार |
3 |
0.504 |
|
4 |
छत्तीसगढ |
6 |
4.769 |
|
5 |
गोवा |
1 |
0.227 |
|
6 |
गुजरात |
17 |
17.964 |
|
7 |
हिमाचल प्रदेश |
3 |
12.475 |
|
8 |
झारखंड |
6 |
2.012 |
|
9 |
कर्नाटक |
16 |
24.625 |
|
10 |
केरल |
6 |
3.829 |
|
11 |
मध्य प्रदेश |
11 |
31.175 |
|
12 |
महाराष्ट्र |
32 |
19.166 |
|
13 |
मेघालय |
1 |
0.142 |
|
14 |
मिजोरम |
1 |
0.715 |
|
15 |
नगालैंड |
1 |
0.535 |
|
16 |
ओडिशा |
10 |
15.702 |
|
17 |
पंजाब |
1 |
2.344 |
|
18 |
राजस्थान |
7 |
5.034 |
|
19 |
तमिलनाडु |
9 |
4.741 |
|
20 |
तेलंगाना |
7 |
4.653 |
|
21 |
त्रिपुरा |
1 |
0.312 |
|
22 |
उत्तर प्रदेश |
8 |
7.656 |
|
23 |
उत्तराखंड |
3 |
4.987 |
|
24 |
पश्चिम बंगाल |
2 |
1.463 |
|
|
कुल |
161 |
182.46 |
जल शक्ति राज्य मंत्री श्री राज भूषण चौधरी ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।