भावनगर के ज्यादातर डैम जर्जर  

 

भावनगर जिले में 15,000 से अधिक छोटे-बड़े चेक डैम बनाए गए हैं, लेकिन पिछले 10 वर्षों में अधिकांश चेक डैम ढह गए हैं, जबकि कई जर्जर हालत में हैं। इस संबंध में कई बार अवगत कराने के बावजूद जिम्मेदार विभाग ने आज तक चेकडैम की मरम्मत नहीं कराई है। जिसके कारण इस वर्ष भी मानसून के दौरान जल संग्रहण नहीं हो सकेगा, जिससे जिले के 300 से अधिक गांवों व किसानों को पानी की समस्या से जूझना पड़ेगा। केंद्र और राज्य सरकार हर जिले में जल संरक्षण की बात कर रही है और सुजलाम सुफलाम जल अभियान के तहत हर जिले में छोटी-बड़ी झीलें बनाई जा रही हैं। जिससे पानी का भंडारण हो सके, लेकिन एक और नई सच्चाई यह है कि भावनगर जिले में वर्ष 2005 के दौरान 15 हजार से अधिक चेक डैम का निर्माण किया गया था। समय-समय पर उचित मरम्मत न होने के कारण आज अधिकांश चेक डैम ध्वस्त हो चुके हैं। कई चेकडैम जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं, जिनमें पानी का भंडारण नहीं हो पाता, जिसके कारण गांवों में पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है।