कनाडा के प्रधानमंत्री के साथ जॉइंट प्रेस स्टेटमेंट के दौरान प्रधानमंत्री का प्रेस स्टेटमेंट

भारत–कनाडा संयुक्त प्रेस वक्तव्य

नेता: नरेन्द्र मोदी एवं मार्क कार्नी

नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त प्रेस वक्तव्य के दौरान भारत के प्रधानमंत्री ने कनाडा के प्रधानमंत्री का हार्दिक स्वागत करते हुए दोनों देशों के संबंधों को “अगले स्तर की साझेदारी” में परिवर्तित करने का संकल्प दोहराया।

प्रमुख बिंदु:

1. आर्थिक सहयोग और व्यापार

  • वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित।

  • व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को शीघ्र अंतिम रूप देने पर सहमति।

  • कनाडा के पेंशन फंडों द्वारा भारत में लगभग 100 अरब डॉलर का निवेश, जो भारत की विकास यात्रा में उनके विश्वास को दर्शाता है।

2. प्रौद्योगिकी और नवाचार

  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम प्रौद्योगिकी, सुपरकंप्यूटिंग और अर्धचालक (सेमीकंडक्टर) क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बल।

  • महत्वपूर्ण खनिजों पर हुए समझौता ज्ञापन से आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूती।

  • अंतरिक्ष क्षेत्र में स्टार्टअप और उद्योगों के बीच सहयोग को प्रोत्साहन।

3. ऊर्जा और पर्यावरण

  • हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण पर विशेष ध्यान।

  • कनाडा द्वारा International Solar Alliance और Global Biofuel Alliance से जुड़ने का निर्णय।

  • असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति समझौता तथा लघु मॉड्यूलर रिएक्टर और उन्नत रिएक्टरों पर सहयोग।

4. रक्षा और सुरक्षा

  • रक्षा उद्योगों, समुद्री क्षेत्र जागरूकता और सैन्य आदान-प्रदान को सुदृढ़ करने पर सहमति।

  • भारत–कनाडा रक्षा संवाद की स्थापना का निर्णय।

5. शिक्षा और जन-से-जन संबंध

  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वास्थ्य, कृषि और नवाचार क्षेत्रों में विश्वविद्यालयों के बीच नई साझेदारियाँ।

  • कनाडा के विश्वविद्यालयों द्वारा भारत में परिसर स्थापित करने पर सहमति।

  • आदिवासी और स्वदेशी समुदायों के सांस्कृतिक आदान-प्रदान हेतु समझौता ज्ञापन।

6. वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दे

  • हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता।

  • आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ के विरुद्ध संयुक्त प्रयासों पर जोर।

  • पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए संवाद और कूटनीति के माध्यम से समाधान का समर्थन।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब दो सशक्त लोकतंत्र साथ खड़े होते हैं, तो शांति और स्थिरता की आवाज और अधिक प्रभावशाली बनती है।

यह यात्रा भारत और कनाडा के संबंधों को नई ऊर्जा, विश्वास और दीर्घकालिक रणनीतिक दिशा प्रदान करने वाली मानी जा रही है।