प्रधानमंत्री ने किसानों के महत्व पर बल देते हुए संस्कृत सुभाषितम साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया-

“सुवर्ण-रौप्य-माणिक्य-वसनैरपि पूरिताः।

तथापि प्रार्थयन्त्येव किसानान् भक्ततृष्णया।।"

सुभाषितम का तात्पर्य है कि सोना, चांदी, माणिक और उत्तम वस्त्र होने के बावजूद भी लोगों को भोजन के लिए किसानों पर निर्भर रहना पड़ता है।

प्रधानमंत्री ने अपनी एक्स पोस्ट पर लिखा;

“सुवर्ण-रौप्य-माणिक्य-वसनैरपि पूरिताः।

तथापि प्रार्थयन्त्येव किसानान् भक्ततृष्णया।।"