राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय विकास और वैश्विक हित के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का अधिकतन उपयोग करने के अपने संकल्प को दोहराया
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री का संदेश
वक्ता: नरेन्द्र मोदी
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम अपने संदेश में अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक जिज्ञासा की भावना को नमन किया। उन्होंने कहा कि यही वैज्ञानिक दृष्टिकोण भारत को निरंतर प्रगति और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाता है।
प्रधानमंत्री ने स्मरण कराया कि यह दिवस महान वैज्ञानिक सी. वी. रमन द्वारा ‘रमन प्रभाव’ की ऐतिहासिक खोज की स्मृति में मनाया जाता है। इस अभूतपूर्व उपलब्धि ने भारतीय वैज्ञानिक अनुसंधान को वैश्विक पटल पर एक सुदृढ़ और प्रतिष्ठित स्थान दिलाया। रमन प्रभाव ने न केवल विज्ञान की दुनिया में नई दिशा दी, बल्कि भारत की बौद्धिक क्षमता को भी विश्व के सामने स्थापित किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का भविष्य उसके युवा वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और नवाचारकर्ताओं की ऊर्जा पर निर्भर करता है। उन्होंने युवाओं को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे आने, नए विचार विकसित करने और जिज्ञासा की भावना को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने देश के अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने, आधुनिक प्रयोगशालाओं और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने तथा राष्ट्रीय विकास एवं वैश्विक कल्याण के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग करने के संकल्प को दोहराया।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक सोच ही भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित राष्ट्र बनाने की आधारशिला हैं।
अंत में उन्होंने सभी वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और विज्ञान प्रेमियों को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की शुभकामनाएँ दीं और विज्ञान के माध्यम से मानवता की सेवा के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया।