रेड सी संकट से वैश्विक व्यापार प्रभावित, भारत की सप्लाई चेन पर भी असर
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक Red Sea में बढ़ते सुरक्षा संकट के कारण वैश्विक व्यापार पर असर पड़ रहा है। इस क्षेत्र में जहाजों पर बढ़ते हमलों के चलते कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने अपने मार्ग बदल दिए हैं, जिससे माल ढुलाई की लागत और समय दोनों बढ़ गए हैं।
इस संकट का असर India सहित यूरोप और एशिया के कई देशों पर पड़ रहा है, क्योंकि यह मार्ग एशिया और यूरोप के बीच व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
स्वेज नहर मार्ग पर असर
आमतौर पर एशिया से यूरोप जाने वाले जहाज Suez Canal के रास्ते रेड सी होकर गुजरते हैं। लेकिन सुरक्षा खतरे के कारण कई जहाज अब अफ्रीका के Cape of Good Hope के लंबे रास्ते से जा रहे हैं।
इससे जहाजों की यात्रा में लगभग 10 से 15 दिन तक का अतिरिक्त समय लग रहा है और माल ढुलाई की लागत भी बढ़ रही है।
भारत के निर्यात और आयात पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार इस स्थिति का असर भारत के कई क्षेत्रों पर पड़ सकता है:
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पेट्रोलियम और ऊर्जा आपूर्ति
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ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात
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यूरोप के साथ व्यापार
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कंटेनर शिपिंग लागत
भारत के कई निर्यातक संगठनों ने कहा है कि यदि यह संकट लंबे समय तक जारी रहता है तो भारतीय उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
वैश्विक स्तर पर चिंता
इस स्थिति को लेकर United Nations और कई देशों ने समुद्री सुरक्षा बढ़ाने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि रेड सी मार्ग सुरक्षित रहना वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद जरूरी है।