विश्व हिंदू परिषद (विहिप) द्वारा पश्चिम बंगाल में लगातार हो रही हिंसा और कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को लेकर आज सूरत के जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया। परिषद ने पश्चिम बंगाल में बढ़ती अराजकता पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से कड़े कदम उठाने की अपील की है।

विहिप प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है, ताकि राज्य में कानून व्यवस्था बहाल की जा सके और आम नागरिकों के जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। परिषद ने कहा कि राज्य सरकार हिंसा को रोकने में विफल रही है और अब केंद्र को हस्तक्षेप करना आवश्यक हो गया है।

ज्ञापन में प्रभावित क्षेत्रों में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तत्काल तैनाती की भी मांग की गई, जिससे स्थानीय प्रशासन पर से जनता का उठता विश्वास फिर से बहाल हो सके और हिंसा पर तत्काल प्रभाव से रोक लग सके।

इसके साथ ही परिषद ने इस बात पर भी बल दिया कि हिंसा की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराई जाए, जिसके लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों को निर्देशित किया जाए। विहिप ने आग्रह किया कि जांच पारदर्शी ढंग से हो और दोषियों को सख्त सजा दी जाए, चाहे वे किसी भी पद या राजनीतिक दल से संबंध रखते हों।

विश्व हिंदू परिषद ने ज्ञापन के माध्यम से यह भी कहा कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो यह स्थिति अन्य राज्यों में भी अस्थिरता को जन्म दे सकती है और देश की एकता और अखंडता पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।