सुरक्षा को लेकर गृह मंत्रालय में हाईलेवल बैठक

 

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत करने के लिए मंगलवार को गृह मंत्रालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस हाईलेवल बैठक की अध्यक्षता स्वयं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की।

बैठक में देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें विशेष रूप से कश्मीर घाटी की मौजूदा स्थिति, आतंकी गतिविधियों की बढ़ती आशंकाएँ, और आगामी अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा जैसे विषय शामिल रहे।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी:

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के महानिदेशक

सीमा सुरक्षा बल (BSF) के महानिदेशक

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के प्रमुख

सशस्त्र सीमा बल (SSB) के वरिष्ठ अधिकारी

खुफिया एजेंसियों के प्रतिनिधि


गृह मंत्री अमित शाह का बयान:
गृह मंत्री ने बैठक में कहा, “देश की एकता और अखंडता से समझौता नहीं किया जाएगा। हमारी प्राथमिकता है नागरिकों की सुरक्षा, और इसके लिए सुरक्षा बलों को हर आवश्यक संसाधन और तकनीकी सहायता दी जाएगी।”

बैठक के प्रमुख बिंदु:

1. पहलगाम हमले की विस्तृत समीक्षा
हाल ही में हुए हमले में आतंकी किस मार्ग से आए, किन सुरक्षा चूकों का फायदा उठाया गया—इन सभी पहलुओं पर चर्चा की गई।


2. आगामी अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा योजना
अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए 5-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू करने पर सहमति बनी।


3. हाई टेक सर्विलांस सिस्टम का विस्तार
ड्रोन, सीसीटीवी, और सैटेलाइट इमेजरी जैसे तकनीकी उपायों को और अधिक प्रभावी बनाने की योजना पर काम किया जाएगा।


4. इंटेलिजेंस नेटवर्क को मज़बूत करना
स्थानीय स्तर पर खुफिया जानकारी जुटाने के लिए नए नेटवर्क और लोकल इनफॉर्मर्स की मदद ली जाएगी।

विशेष निर्देश:
गृह मंत्री ने सभी बलों को निर्देश दिया कि वे तालमेल के साथ काम करें और हर संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी कहा कि आम नागरिकों में भरोसा बनाए रखना जरूरी है।