कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025 : पांच साल बाद फिर खुला श्रद्धा का द्वार

 लंबे इंतजार के बाद, एक बार फिर से श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी आई है। पांच वर्षों के अंतराल के बाद, विश्व प्रसिद्ध कैलाश मानसरोवर यात्रा इस वर्ष 30 जून से शुरू होने जा रही है और 25 अगस्त तक चलेगी। यह यात्रा अध्यात्म, भक्ति और साहस का संगम मानी जाती है।

विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा के लिए नई तैयारियां की हैं और पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक विशेष वेबसाइट भी जारी की है। इच्छुक यात्री http://kmy.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

इस वर्ष यात्रा दो प्रमुख मार्गों से आयोजित की जाएगी — उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे और सिक्किम के नाथुला बॉर्डर से। प्रत्येक जत्थे में 50 यात्री शामिल होंगे। कुल 15 जत्थे यात्रा में भाग लेंगे, जिनमें से 5 जत्थे लिपुलेख दर्रे से और 10 जत्थे नाथुला बॉर्डर से कैलाश मानसरोवर की ओर बढ़ेंगे।

गौरतलब है कि वर्ष 2020 में कोविड महामारी और भारत-चीन सीमा विवाद के चलते कैलाश मानसरोवर यात्रा स्थगित कर दी गई थी। यात्रियों के लिए यह एक कठिन समय रहा, जब वे वर्षों तक इस पवित्र यात्रा से वंचित रहे।

लेकिन अब, अक्टूबर 2024 में भारत और चीन के बीच हुए 'कजान समझौते' के बाद दोनों देशों के बीच संवाद का नया दौर शुरू हुआ है और इसी के परिणामस्वरूप इस वर्ष यात्रा के द्वार एक बार फिर से खोल दिए गए हैं।

विदेश मंत्रालय ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखते हुए कई इंतजाम किए हैं। यात्रियों को मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य रूप से देना होगा, साथ ही यात्रा से पहले विशेष प्रशिक्षण और स्वास्थ्य जांच भी की जाएगी।

कैलाश पर्वत, जिसे भगवान शिव का धाम माना जाता है, और मानसरोवर झील, जो पवित्रता और शांति का प्रतीक है — इन स्थलों का दर्शन करना हर श्रद्धालु का स्वप्न होता है। यह यात्रा न केवल भौतिक कठिनाइयों से भरी होती है, बल्कि आत्मिक साधना का भी एक अद्वितीय अवसर प्रदान करती है।

तो यदि आप भी इस वर्ष अपने जीवन के सबसे अद्भुत और पवित्र अनुभव का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो जल्दी से अपनी तैयारी करें और http://kmy.gov.in पर जाकर आवेदन करें।