सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक पर विदेश सचिव ने दिया ब्यौरा 

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में गुरुवार शाम सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक हुई । बैठक में 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की विस्तृत जानकारी साझा की गई, जिसमें 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की दुखद मृत्यु हुई। इस हमले में कई अन्य लोग भी घायल हुए। सीसीएस ने इस जघन्य हमले की कड़े शब्दों में निंदा की तथा पीड़ितों के परिजनों के प्रति अपनी गहन संवेदना व्यक्त की। समिति ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की।

दुनिया के कई देशों की सरकारों ने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए भारत के प्रति समर्थन और एकजुटता दिखाई है। सीसीएस ने इन समर्थन संदेशों की सराहना की, जो आतंकवाद के प्रति कड़ा रुख और शून्य-सहिष्णुता को दर्शाते हैं।

सीसीएस को दी गई जानकारी में बताया गया कि इस आतंकी हमले का सीमा पार से संबंध था। यह भी बताया गया कि यह हमला केंद्र शासित प्रदेश में चुनावों के सफल आयोजन और आर्थिक विकास की दिशा में इसकी निरंतर प्रगति के मद्देनजर हुआ है।

इस आतंकी हमले की गंभीरता को देखते हुए, सीसीएस ने निम्नलिखित कदम उठाने का निर्णय लिया है:

(i) 1960 की सिंधु जल संधि तत्काल प्रभाव से स्थगित (Abeyance) की जाएगी, यह निर्णय तब तक लागू रहेगा जब तक कि पाकिस्तान विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं कर देता है।

(ii) एकीकृत चेक पोस्ट अटारी को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाएगा। जिन लोगों ने वैध अनुमति के साथ सीमा पार की है, वे 01 मई 2025 से पहले उसी रास्ते से वापस लौट सकते हैं।

(iii) पाकिस्तानी नागरिक अब सार्क वीजा छूट योजना (SVES) के तहत भारत यात्रा नहीं कर सकेंगे। पहले से जारी किए गए सभी SVES वीजा अब रद्द माने जाएंगे। जो भी पाकिस्तानी नागरिक इस वीजा पर अभी भारत में हैं, उन्हें 48 घंटों के भीतर भारत छोड़ना होगा।

(iv) नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के रक्षा/सैन्य, नौ और वायुसेना सलाहकारों को अवांछित (पर्सोना नॉन ग्राटा) घोषित किया गया है। उन्हें भारत छोड़ने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। भारत अपने रक्षा, नौ और वायुसेना सलाहकारों को इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग से वापस बुलाएगा। संबंधित उच्चायोगों में इन पदों को निरस्त कर दिया गया है। सैन्यसेवा सलाहकारों के पांच सहायक कर्मचारियों को भी दोनों उच्चायोगों से वापस बुलाया जाएगा।

(v) हाई कमीशनों में कर्मचारियों की कुल संख्या को वर्तमान 55 से घटाकर 30 किया जाएगा। यह बदलाव 01 मई 2025 तक प्रभावी कर दिया जाएगा।

सीसीएस ने समग्र सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और सभी रक्षा बलों को उच्च सतर्कता बनाए रखने का निर्देश दिया। यह भी स्पष्ट किया गया कि हमले के दोषियों को कड़ी सजा दिलवायी जाएगी और उनके समर्थकों को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा। ताहव्वुर राणा के हालिया प्रत्यर्पण की तरह, भारत उन सभी व्यक्तियों के खिलाफ बिना किसी नरमी के कार्रवाई करेगा, जिन्होंने आतंकवादी कृत्यों को अंजाम दिया या उन्हें अंजाम देने की साजिश रची है।