राजकोट शहर में एक दर्दनाक हादसा सामने आया था। जिसमे इंदिरा सर्कल के पास एक CT बस के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से चार लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। हादसे के बाद पुलिस ने बस ड्राइवर के खिलाफ शिकायत दर्ज कर उसे हिरासत में लिया, लेकिन जांच में चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है, बस की ब्रेक फेल नहीं हुई थी और ड्राइवर के लाइसेंस की अवधि भी पूर्ण हो चुकी थी।

इन तथ्यों के बाद अब सवाल एजेंसी की जिम्मेदारी पर उठ रहे हैं, क्योंकि यह बस जिस एजेंसी के अधीन थी, वह एक भाजपा कार्यकर्ता की बताई जा रही है। इसी वजह से अब तक एजेंसी के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। विपक्ष का आरोप है कि सत्ताधारी दल से संबंध होने के कारण पुलिस व प्रशासन कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं।

इस पक्षपातपूर्ण रवैये से नाराज़ होकर आज राजकोट शहर कांग्रेस ने पुलिस कमिश्नर के दफ्तर पर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया और पुलिस कमिश्नर को प्रतीकात्मक रूप से चूड़ियाँ दिखाकर उनकी निष्क्रियता और बेबसी पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सिर्फ कमजोरों पर कार्रवाई करती है, जबकि सत्ता से जुड़े लोगों को बचाने में जुटी रहती है।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने नारेबाजी की और तत्काल एजेंसी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की। साथ ही यह भी चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस जन आंदोलन शुरू करेगी।

घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है और अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि प्रशासन निष्पक्षता दिखाता है या नहीं।