पाक सेना में खौफ का माहौल

 

आज का सबसे बड़ा सवाल — क्या भारत की बढ़ती सैन्य ताकत और लगातार लिए जा रहे रणनीतिक फैसलों ने पाकिस्तान को झकझोर दिया है? क्या पाक सेना का मनोबल अब टूटने के कगार पर है?

बीते कुछ हफ्तों में भारत सरकार ने जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कूटनीतिक बढ़त बनाई है और आंतरिक बैठकों में तीव्र निर्णय लिए हैं, उसने पाकिस्तान की सेना में हलचल मचा दी है।

सूत्रों की मानें तो भारत सरकार एक के बाद एक सुरक्षा और रणनीति से जुड़ी अहम बैठकें कर रही है। इन बैठकों के बाद लिये गये फैसलों ने पाकिस्तान की सेना के अंदर एक डर का वातावरण बना दिया है। याद दिला दें कि भारत पहले ही अपने इरादे स्पष्ट कर चुका है — चाहे वह 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक हो या 2019 की बालाकोट एअर स्ट्राइक। हर बार भारत ने पाकिस्तान को उसके ही घर में जवाब दिया है।

अब खबरें आ रही हैं कि पाकिस्तानी सेना में अंदरूनी खौफ इतना गहरा चुका है कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा तक दे दिया है। हालांकि पाकिस्तान सरकार या सेना की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की चौथी सबसे बड़ी सैन्य शक्ति और कूटनीतिक रणनीति अब खुले तौर पर असर दिखा रही है। वैश्विक स्तर पर भारत को जो समर्थन मिल रहा है, वह पाकिस्तान के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि पाक सेना का मनोबल इस दबाव में कितने समय तक टिक पाता है। क्या पाकिस्तान कोई नया कदम उठाएगा या फिर भारत की नीति के आगे झुकने को मजबूर होगा?

जवाब समय देगा, लेकिन इतना तय है — भारत अब पहले जैसा नहीं रहा।